भौत दिनन बै इच्छा छी,
एक बिराऊक प्वौथ घर लौं।
काऊ, स्यैत या कुरबुरैल,
उ पर आपणी माया लुटौं।।
गूं- गूं मैं ढूंढ़ी आयूं,
बिराऊक प्वौथ कैं नै मिलौ।
मोबाइल में खोज करी मैंल जब,
एक स्यत विदेशी बिराऊ मिलौ।।
नीला- निल वीक आंख छन,
मखमल जस लाम बाल।
दूध- भात उ नै खांछी,
पेडिग्री छी वीक प्राण।।
कभै बौलक पाछिल त,
कभै ज्योड़क पाछिल दौड़े छी।
वीक नान- नानि हरकत देखि,
हम सब ओरी काउ हंसै छी।।
माठू- माठू हिटबेर जब ,
उ म्यर काखि मैं औछी।
नान- नानु पंजांल उ,
आपणी माया कै जतौछी।।
देखण वाल सब कौणी
कति मुलमुलौ छ य बिराऊ।
म्याऊं- म्याऊं करि नखार दिखैबेर,
घरम सबूंक लाडिल बणौ बिराऊ।।
स्वरचित- मंजू बोहरा बिष्ट,
गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश।