सोमवार, 20 जुलाई 2026

श्रीमद्भगवद्गीता- अथ प्रथमोऽध्याय:

 ॐ श्री परमात्मने नमः 

श्रीमद्भगवद्गीता 

अथ प्रथमोऽध्याय:

धृतराष्ट्र उवाच 

धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सवः। 

मामकाः पाण्डवाश्चैव किमकुर्वत संजय॥ १

हिंदी भावार्थ- धृतराष्ट्र संजय से पूछते हैं- हे संजय! धर्मभूमि कुरुक्षेत्र में युद्ध की इच्छा से एकत्र हुए मेरे पुत्र और पाण्डु के पुत्र क्या कर रहे हैं? 

कुमाऊनी में अर्थ- रज धृतराष्ट्र संजय ह्वै पूछनयी- हे संजय! धर्मभूमि कुरुक्षेत्र में लड़ैं करनैं ल्यी इकठ्ठ ह्वै रयी म्यर और पाण्डुक च्यल कै करनैई?

अनुदित: मंजू बोहरा बिष्ट,

 गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश।

समीक्षा 

धृतराष्टृ संजय थें पुछण रईं, हे संजय धर्मभूमि कुरुक्षेत्र में युद्ध करणैकि इच्छा लिहबैर एकठ्ठ हई म्यर च्याल और पांडु च्याल के करणईं ?