ऐ मेरी कलम चल कुछ ऐसा लिखें कि प्रेरणा स्रोत बन जाए। ✍️🥰
मैं ना एक सागर हूं,
ना ही कोई नदी हूं,
ना मैं एक झील हूं,
और ना ही तलैया हूं,
मैं तो सिर्फ एक गागर का।
ठंडा - मीठा नीर हूं।।
स्वरचित: मंजू बोहरा बिष्ट।।
गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश।
मूलनिवासी: हल्द्वानी, नैनीताल।