ऐ मेरी कलम चल कुछ ऐसा लिखें कि प्रेरणा स्रोत बन जाए। ✍️🥰
ना दो मां खुरपी- हंसिया, ना दो चूल्हा- चौका।
भाई के संग दो मुझे, पढ़ने का मौका।।
स्वरचित मंजू बोहरा बिष्ट।
गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश।