Tuesday, 26 January 2021

दोहा: मेरे सांवरे ५

 १- वंशीवट नीचे श्याम,  छेड़े मीठी तान।

रास रचे लीला करे, लेकर अधर मुस्कान।।


२- कजरारे से नैन हैं, मन मोहिनी सूरत।

 अपने उर में बिठा दी, तेरी श्याम मूरत।।


३- कैसे बताऊं सांवरे, तुम हो मेरे मीत।

धड़कन हो इस हृदय की, होंठों के हो गीत।।


स्वरचित: मंजू बिष्ट,

गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश।