१- वंशीवट नीचे श्याम, छेड़े मीठी तान।
रास रचे लीला करे, लेकर अधर मुस्कान।।
२- कजरारे से नैन हैं, मन मोहिनी सूरत।
अपने उर में बिठा दी, तेरी श्याम मूरत।।
३- कैसे बताऊं सांवरे, तुम हो मेरे मीत।
धड़कन हो इस हृदय की, होंठों के हो गीत।।
स्वरचित: मंजू बिष्ट,
गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश।