Friday, 15 January 2021

दोहा- जीवन दायिनी वृक्ष

१- हरीतिमा के बीच में, लागे मंजु मकान।

शुद्ध समीरण के लिए, रोको पेड़ कटान।।


२- हरियाली देती हमें, बय आक्सीजन युक्त।

वृक्ष कटान पर सजा हो, होवे विधान शक्त।।


३- वर्ष गांठ पर गर सभी, खा लेते हैं कसम।

पेड़ लगाना जरूरी, बन जायेगी रसम।।


स्वरचित: मंजू बिष्ट,

गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश।