१- हरीतिमा के बीच में, लागे मंजु मकान।
शुद्ध समीरण के लिए, रोको पेड़ कटान।।
२- हरियाली देती हमें, बय आक्सीजन युक्त।
वृक्ष कटान पर सजा हो, होवे विधान शक्त।।
३- वर्ष गांठ पर गर सभी, खा लेते हैं कसम।
पेड़ लगाना जरूरी, बन जायेगी रसम।।
स्वरचित: मंजू बिष्ट,
गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश।