Thursday, 14 January 2021

दोहा: जिंदगी

 १-  जल चढ़ाएं दिनकर को, नियम पूर्वक भोर।

यश उसका बढ़ जाएगा, चहुं दिशाओं ओर।।


२- शैल शैल में हिमवर्षा, शीतलहर मैदान। 

धुंध और ठिठुरन बड़ा, जन जीवन हैरान।।


३- जलसा है लोहड़ी का, छाईं खूब उमंग।

गजक, रेवड़ी खा रहे, बाजे ढोल मृदंग ।।


४- विप्र, दीन को दान दें, आज दिवस संक्रांति।

प्रमोद उपजे हृदय में, मिलती ऊर्जा शांति।।


स्वरचित: मंजू बिष्ट।

गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश।