१- राम बने दशरथ तनुज, लिया अवध अवतार।
व्योम धरा पुलकित हुए, हुआ खत्म व्यभिचार।।
२- कैकेई प्रण के लिए, तजा राम ने राज
लखन सिया भी चल दिए, छोड़े सारे साज।।
३- हनुमत लंका में कियो, असुरों का संहार।
दानव त्रासित हो रहे, हनुमत करे प्रहार।।
४- देवों के अनुरोध पर, लिया अवध अवतार।
पावन धरती को किया, कर रावण संहार।।
स्वरचित: मंजू बिष्ट,
गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश।
अवध पुरी : आलेख
बरसों' क लम्ब इंतजार' क बाद आज अवधपुरी में ५ अगस्त २०२०, बुधवार, दोपहर १२:३० बजी प्रधानमंत्री मोदी ज्यूल आपुण हाथो'ल रजत शिला धरबेर राम मंदिर की नींव रखी।
हमर देश में आज सबै मनखियां कोठी में भौते ठंडी पड़ौ छ। ५०० साल इंतजार बाद आज यो दिन द्यौखण कै मिलो। हमर देश कई मनखियोंक अथाह संघर्ष और मेहनत फल छू। और आज कई वर्षों बाद मोदी ज्यूल और योगी ज्यूल आपुण सूझ- बूझ' ल राम मंदिर'क निर्माण' के काम शुरू कर ह्वैली। हमर देशों क सबै महंतौ, और मनखियों कै कोटि-कोटि धन्यवाद।
स्वरचित मंजू बिष्ट,
गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश।