Sunday, 24 May 2020

कविता: जीवन साथी, विधा: हाइकु।-10।


तेरी प्रीत से
मैंने प्रीत की डोरी
बांधी सजना।

घर आंगन
खुशियों से भरूंगी
ये वादा रहा।

जीवन है तो
उतार- चढ़ाव भी
साथी आयेंगे।

लाख तूफ़ान
जीवन में आयेंगे
साथ रहना।

साथ निभाना
तुम संग चलना
जीवन भर।

इससे ज्यादा
चाहत नहीं कोई
तू मेरा जहां।

स्वरचित: मंजू बिष्ट।
गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश।