तेरी प्रीत से
मैंने प्रीत की डोरी
बांधी सजना।
घर आंगन
खुशियों से भरूंगी
ये वादा रहा।
जीवन है तो
उतार- चढ़ाव भी
साथी आयेंगे।
लाख तूफ़ान
जीवन में आयेंगे
साथ रहना।
साथ निभाना
तुम संग चलना
जीवन भर।
इससे ज्यादा
चाहत नहीं कोई
तू मेरा जहां।
स्वरचित: मंजू बिष्ट।
गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश।