जब तक सूरज, चंदा, तारे;
चमकेंगे आसमान में।
कर्म वीरों के अदम्य साहस को;
युगों- युगों तक पढ़ा जाएगा इतिहास में।।
डॉक्टर, पुलिस और सफाई कर्मचारी ने;
अपना तन- मन न्यौछावर किया है।
भारत के जन- जन के खातिर;
अपने प्राणों का बलिदान दिया है।।
कोरोनावायरस से मुक्त भारत हो;
जीवन का ये ध्येय बनाया।
अपने त्याग और समर्पण से;
भारत के जन-जन को बचाया।।
ऐसे कर्म योद्धाओं को;
शत-शत मेरा प्रणाम है।
भारत भूमि के साहसिक वीरों;
तुम पर हमें अभिमान है।।
महामारी के इस संकट में;
देवदूत बनकर तुम आ गए।
लाखों संकट आए तुम पर;
तुम कर्त्तव्य पथ पर खड़े रहे।।
हाथ जोड़कर करें प्रार्थना;
सकुशल तुम्हारा जहान हो।
कर्मवीरों की नि:स्वार्थ सेवा की;
युगों-युगों तक जयकार हो।।
स्वरचित: मंजू बिष्ट;
गाजियाबाद;
उत्तर प्रदेश।