Thursday, 14 May 2020

कविता: परीक्षा‌।- 7

मार्च का महीना आया;
बच्चों ने ना शोर मचाया।
गलियारे, पार्क सब चुप्पी लगाए;
शांत पड़े हैं मुंह लटकाए।।
ए, बी, सी, डी, पढ़ते-पढ़ते;
चुन्नू मुन्नू गलियारे झांकते।
दिख जाते, यदि सोनू -मोनू;
बात इशारों में कर लेते।।
मां के आने की आहट से;
सरपट कमरे में भागते।
मां के प्यार से समझाने पर;
अहमियत परीक्षा की समझते।।
नई कक्षा का सपना संजोकर;
अपनी किताबों में खो जाते।।

स्वरचित: मंजू बिष्ट;
गाजियाबाद; उत्तर प्रदेश।
प्रकाशित।