ऐ मेरी कलम चल कुछ ऐसा लिखें कि प्रेरणा स्रोत बन जाय।
आपणी संस्कृति कै आघिन पीढ़ी तक पहुचौंण में,
मैं आपणी योगदान द्यूं, बस म्यर यई उद्देश्य छू,
स्वरचित: मंजू बोहरा बिष्ट,
गाजियाबाद उत्तर प्रदेश।