Friday, 9 January 2026

योगी आदित्य नाथ ज्यूक जीवन परिचय: कुमाऊनी कविता

 राम नाम जप लै, पधानी रधुली।

सारी दूणी है गे, सिंदूरी- सिंदूरी।।


१- आंनद ज्यू' क घर मा, आनंद छाई रौ।

जन्म ल्ही रौ भौ लै, कै धूम मची रौ।।

जो द्यैखैनी भौ कै, द्यैखियै रै जाणी, द्यैखियै रै जाणी।

सावित्री ज्यू काखी मा, एक तेज़ खेलैंणी।।

हिट द्येखी बेर औनूं, पधानी रधुली,पधानी रधुली,,ओ।२..

सारी दूणी है गे, सिंदूरी- सिंदूरी।।


राम नाम जप लै, पधानी रधुली।

सारी दूणी है गे, सिंदूरी- सिंदूरी।।


४- पौड़ी- गढ़वाला, पढ़ायो- लिखायो।

ऋषिकेश जै बेर दीक्षा छू पायो।।

अब जाणौं अजय, नाथों' क पंथ मा,नाथों' क पंथ मा।

गोरखनाथ मंदिर में, जोगी बणना।।

हिट द्येखी बेर औनूं, पधानी रधुली, पधानी रधुली,, ओ।२..

सारी दूणी है गे, सिंदूरी- सिंदूरी।।


राम नाम जपलै, पधानी रधुली।

सारी दूणी है गे, सिंदूरी- सिंदूरी।।


३- देवभूमि' क लाल लै, जोग धरि यो।

भारि तपस्या करि बैर, योगी बणि गो।।

यौ सिंदूरी रंग में, योगी रंगी गो,,,जोगी रंगी गो।

म्यर देश' क आज, हर मनखी रंगी ग्यौ।

हिट द्येखी बेर औनूं, पधानी रधुली, पधानी रधुली। ओ२..

सारी दूणी है गे, सिंदूरी- सिंदूरी।।


राम नाम जप लै, पधानी रधुली।

सारी दूणी है गे, सिंदूरी- सिंदूरी।।

 

४- भल भला छा शिष्य तुम, आपुण गुरु का।

साहसी, निडर मुख्यमंत्री, यू पी राज का।।

भ्रष्टाचार कौ तुमुल कर दी सफ़ाया, कर दी सफ़ाया।

पांच सौ साल बाद, राम राज संवारा।।

हिट द्येखी बेर औनूं, पधानी रधुली, पधानी रधुली,,,ओ।२..

सारी दूणी है गे, सिंदूरी- सिंदूरी।।


राम नाम जप लै, पधानी रधुली।

सारी दूणी है गे, सिंदूरी- सिंदूरी।।


सर्वाधिकार सुरक्षित।

स्वरचित मंजू बोहरा बिष्ट।

गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश।

(मूल निवासी-हल्द्वानी, नैनीताल।)