Sunday, 1 August 2021

दोहे: जीवन के आधार


1- डमी खड़ा दुकान में, पहने अकरा सूट।

 नज़र पड़े ज्यों सेल में, दुनिया पड़ती टूट।।


स्वरचित मंजू बिष्ट,

गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश।