१- तनहा मुझको छोड़के, सजन गए क्यों भूल।
कटती ना बैरी निशा, फूल लगे हैं शूल।।
२- सजना तेरी प्रीत में, जीवन मस्त बहार।
छोटी सी तकरार में, कैसी पड़ी दरार।।
३- आओगे तुम लौट के, बैठी हूं इस आस।
राह तके अक्षि विलापे, मनवा भए उदास।।
स्वरचित :मंजू बिष्ट,
गाजियाबाद उत्तर प्रदेश।